झूठ बोले कौवा काटे
अगर ऐसा है तो है
रंग निर्देशक बनना बहुत आसान है संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली से नाटक का कोई प्रोजेक्ट जुगाड़ लगा कर पास करा लीजिए उसके बाद नाटक की प्रस्तुति के लिए कोई मजबूर सच्ची मुच्ची का रंग निर्देशक मोल भाव करके हायर कीजिए वही निर्देशन करेगा और आपकी प्रस्तुति को प्रस्तुति के योग्य बना देगा हां याद रखिए संस्कृति मंत्रालय के नियमानुसार जो भी प्रचार सामग्री अथवा पोस्टर आदि प्रकाशित होगा उस पर आपको प्रोजेक्ट पास कराने वाले को अपना नाम प्रस्तुति के रंग निदेशक के रूप में बड़े-बड़े फोंट में प्रकाशित करना होगा नहीं इसमें झूठ कुछ भी नहीं है आजकल अधिकतर रंग संस्थाएं यही कर रही हैं काम कोई करता है नाम किसी का होता है और यह तो हमेशा से होता है तो इसमें आश्चर्य कैसा तो भैया निर्देशन को मारो गोली पहले प्रोजेक्ट पास कराओ रंग निर्देशक तो तुम संस्कृति मंत्रालय के नियमानुसार माने ही जाओगे रंग निर्देशक बनना पहले कभी इतना आसान नहीं था यही कारण है कि आज अभिनेता कम है निर्देशक ज्यादा है ।
खरी बात.. अन्याय के खिलाफ चुप हो जाने से बड़ा अपराध कोई नहीं ! खरी बात कहिये चुप मत रहिये....
रविवार, 26 मार्च 2017
बहुत आसान है रंग निर्देशक बनना
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